PM Modi औऱ Ajit doval पूर्व नेवी अफसरो को Qatar से कैसे वापस लाये
जहां दोहा प्रधानमंत्री मोदी और कतर के अमीर शेख तमीम बिन अहमद आठ भारतीय भारतीयों को फांसी की सजा देने के 109 दिन बाद बरी किया है और यह रिटायर्ड 9 सैनिक अभी हाल ही में कुछ दिन पहले ही भारत लौटे हैं और यह भारत की बहुत बड़ी थी और इसी के बाद अब दोहा में प्रधानमंत्री मोदी की जो है वहां के अमीर से यह स्पेशल मुलाकात हुई है
भारत और कतर के बीच में एक बहुत ही स्पेशल रिश्ता कायम हो चुका है
दोनों देशों के बीच में बहुत अच्छे रिश्ते हैं भाईचारा है और आपने देख सकते है कतर के जो अमीर है जो वहां के शेख हैं वहां के राष्ट्रपति आप उनको कह सकते हैं रोलर कह सकते हैं उनके और प्रधानमंत्री मोदी के बीच में आत्महत्या के संबंध पैदा हो गए हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि जो हमारे आठ भारतीय वाहन की जेल में फंस गए थे जिन्हें मौत दे दी गई थी ऐसा बहुत कम होता है की कतर जैसा जो देश है वह अपनी जेल से कैदियों को रिहा कर दे और वह भी ऐसे लोगों को तार की अदालत में सुनाई है तो यह कतर का एक बहुत अच्छा जेस्चर था भारत के प्रति की उन्होंने आठ पूर्व नौशाद सैनिकों को प्रधानमंत्री मोदी और मोदी सरकार के कहने पर उनके रिक्वेस्ट पर एक दोस्ती के नाते उन्हें रिहा कर दिया और उन्हें भारत अपने परिवारों के पास आने दिया
प्रधानमंत्री मोदी आज कतर गए कल रात को ही वह पहुंच गए थे और आज उन्होंने कतर के बड़े-बड़े नेताओं के साथ मुलाकात की है और जाहिर है उन्हें धन्यवाद भी दिया क्योंकि यह जो हुआ है यह बहुत बड़ी बात है यह बहुत बड़ी उपलब्धि है अपने आठ लोगों को कतर की जेल से सकुशल बाहर निकाल कर वापस ले आना
एक फेक न्यूज़ शाहरुख़ के बारे मे
जिस पर आप में से बहुत सारे लोगों ने शायद विश्वास भी कर लिया होगा और यह फेक न्यूज़ यह है की फिल्म स्टार शाहरुख खान ने कतर के अमीर शेख से बात करके उन आठ भारतीयों को रिहा कराया जिन्हें वाहन की अदालत में जासूसी के लिए फांसी की सजा सुनाई यानी खबर आई थी कि इन आठ लोगों को वहां से छोड़ने के पीछे असली कहानी यह है कि भारत सरकार ने नहीं
शाहरुख खान की मदद ली और क्योंकि कतर के जो शेक सरकार है कटार के जो अमीर शेख हैं वह शाहरुख खान के बहुत करीब है उन्हें बहुत पसंद करते हैं और इसलिए शाहरुख खान का इस्तेमाल करके इन लोगों को छोड़ा है
शाहरुख खान ने बाकायदा एक बयान अपना सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और कहा कि उनका इस घटनाक्रम से कोई लेना-देना नहीं है भारत के जो सरकार की जो कोशिश थी उनकी वजह से यह सब हुआ है लेकिन उसके बाद भी यह खबर रुकी नहीं हमारे ही देश में कई ऐसे नेता भी है जिन्होंने और उन सब की मंशा क्या थी उन सब की मंशा यह थी कि नरेंद्र मोदी की सरकार को कमतर करके बताया जाए यह बताया जाए कि इसमें मोदी सरकार ने कुछ नहीं किया है यह तो शाहरुख खान की वर्ष पहले शाहरुख खान ने खुद एक इंटरव्यू दिया था जिसमें और अपना फोन देखते हैं तो फोन देखते समय जाते हैं और उन्हें इस बात का डर लगता है कि फोन जैसे ही वह देखेंगे तो न जाने दुनिया में कौन सी घटना के साथ उनका नाम जोड़ दिया जाएगा ना जाने फोन देखने के बाद उन्हें पता चलेगा कि कौन से नए विवाद में उनका नाम आ गया है तो उसे इंटरव्यू में वह उन्होंने कहा कि उन्हें तो अपना फोन देखते हुए भी आजकल डर लगता है जिस तरीके से उनका नाम किसी न किसी विवाद या किसी ने किसी घटनाक्रम में चिपका दिया जाता है तो अभी भी शाहरुख खान को शायद यही लग रहा होगा कि यह तो उन्होंने सोचा ही नहीं होगा कि इस मामले में भी एक फेक न्यूज़ उनके बारे में इस तरह फैला दी जाएगी

